जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र
 
 

 
गृह सूचना अधिकार (सू अ अधिनिया, 2005)
 सूचना अधिकार (सू अ अधिनिया, 2005)
 
अनिवार्य प्रकटीकरण
संयोजक नियम पुस्तिका
अधिनियम, व्याप्ति, व्याख्या, उद्देश्य तथा प्रयोजन
उद्देशय
संगठनात्मक संरचना
अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अधिकार व कर्तव्य ।
पर्यवेक्षण तथा बाध्यता, माध्यम सहित निर्णयन प्रक्रिया में अनुसरित कार्यविधि ।
अपने कार्यों को निभाने हेतु इसके द्वारा निरधारित मानदंड ।
अपने कर्तव्यों के पालन के लिये कर्मचारियों द्वारा प्रयुक्त या अपने नियंत्रणाधीन या अपने पास रखे हये निया, विनिया, अनुदेश निया पुस्तिका तथा अभिलेख ।
 
अपने पास रखे गये या अपने नियंत्रण्धीन प्रलेखों की श्रेणीकरण ।
अपनी लीति के रूपण तथा उसके कार्यान्वयन के संबंध में सार्वजनिक सदस्यों के परामर्श से या अभ्यावेदन हेतु अस्तित्व में रहनेवाले किसी भी प्रकार की व्यवस्थाओं के विवरण ।
मंडलों, परिषदों, समितियों तथा अन्य निकायों के सदस्य
कर्मचारियों / अधिकारियों की निदेशिका ।
इसके विनियमों के प्रावधानों के अनुसार प्रतिपूर्ति प्रणाली सहित अपने प्रत्येक कर्मचारी तथा अधिकारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक ।
आबँटित बजट
वित्तीय विवरण
इसके द्वारा संस्वीकृत रियायतों, पर्मिटों या प्राधिकारों के विवरण ।
इसके द्वारा अनुरक्षित उपलब्ध सूचना के संदर्भ में विवरण जो इलेक्ट्रॉनिक रूप में न्यूनीकृत है
सार्वजनिक उपयोग हेतु अनुरक्षित ग्रंथालय या वाचनालय के कार्य समय सहित, सूचना प्राप्त करने हेतु नागरिकों के लिये उपलब्ध सुविधाओं का विवरण
 
जन सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम तथा अन्य विवरण
  नोडल अधिकारी तथा अन्य विवरण
  जन सूचना अधिकारी (पीआईओ)
  सहायक पीआईओ
अन्य सूचनाएँ जैसे निर्धारित हो
  II जन सूचना अधिकारियों की नियुक्ति :
  III वर्तमान अधिनियमों / नियमावलियों आदि ।
  IV अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु आंतरिक कार्यविधि का संरूपण ।
जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र
तथा
सूचना अधिकार अधिनियम, 2005
परिचय
अधिनियम
भारत सरकार यह मान्यता देती है कि सूचित नागरिक वर्ग तथा सूचना की पारदर्शिकता, इसकी कार्यात्मकता के लिये अत्यंत ही आवश्यक हैं । " हरेक सरकारी प्राधिकारी के कार्य में पारदर्शकता तथा बाध्यता के उन्नयन के उद्देश्य से सरकारी प्राधिकारियों के नियंत्रणाधीन सूचना के प्रति अभिगम प्राप्त करने हेतु नागरिकों के लिये सूचना के प्रति व्यावहारिक अधिकार की स्थापना का प्रावधान " करने के उद्देश्य से संसद ने सूचना के अधिकार अधिनियम (RIA) 15 जून, 2005 में बनाया ।
व्याप्ति तथा व्याख्या
व्याप्ति तथा व्याख्या :
RIA के प्रावधानों के अनुसरण में ज ने कें निम्न का प्रावधान करेगा :
भारत सरकार के सूचना अधिकार अधिनियम 2005 पर एक अभिगम्य FAQ पृष्ठ http://www.persmin.nic.in पर है जिसका उपयोग / परामर्श किया जा सकता है ।
उचित समय सीमा के अधीन संस्थागत सूचना के प्रति सार्वजनिक अभिगम्यता को सुनिश्चित करने हेतु सारणीकृत तथा अनुक्रमण के अभिलेखों का अनुसरण करें तथा
आवेदन करनेवाले भारत के नागरिकों को अपने केन्द्र के प्राचलों पर सूचना उपलब्ध कराएँ ।
अभिलेख में सम्मिलित होते हैं - कोई भी प्रलेख, हस्तप्रति, मिसिल माइक्रो फिल्म (सूक्ष्मचिर्), सूक्ष्मचित्रांश (माइक्रो फ़ाइच), किसी प्रलेख की प्रति की प्रतिकृति, प्रतिबिंबों का पुनर्निर्माण या संगणक या किसी अन्य यंत्र द्वारा निर्मित कोई अन्य सामग्री ।
सूचना का अर्थ होता है - कोई भी ऐसी सामग्री किसी भी रूप में जैसे अभिलेख, ज्ञापन, ई-मेल, अभिप्राय, परामर्श, माध्यम, प्रकाशन, परिपत्र, आदेश, यात्रा दैनिकियाँ (लॉग-बुक), ठेके, रिपोर्ट,कागज़-पत्र, प्रतिदर्श, नमूने, प्रतिरूप (मॉडल), विद्युन्मानीय रूप में निहित कोई भी अन्य तथ्यात्मक (डाटा) सामग्री तथा इस समय लागू में स्थित किसी भी विधि के अधीन सार्वजनिक प्राधिकार द्वारा अभिगम्य योग्य किसी भी निजी निकाय से संबंधित सूचना, लेकिन मिसिलगत टिप्पणियाँ (फ़ाइल नोटिंग) सम्मिलित नहीं होतीं ।
सूचना अधिकार में सम्मिलित होता है : कार्यों, प्रलेखों, अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार, टिप्पणियाँ कर लेना, प्रलेखों या अभिलेखों की प्रमाणीकृत प्रतियाँ या उद्धरण लेना, सामग्रियों के प्रमाणित प्रतियाँ लेना, तथा प्रिंटआउट, डिस्केट, फ्लॉपी, टेप, विडियो कैसेट के रूप में या किसी भी अन्य विद्युन्मानीय रूप में सूचना प्राप्त करना ।
उद्देश्य एवं प्रयोजन
केन्द्र तथा सूचना स्रोतों के बारे में सूचना उपलब्ध कराना ।
इसमें क्या निहित नहीं होता
अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, ज ने कें निम्न से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, किसी भी नागरिक को दे नहीं पाता -

जो भारत के संप्रभुत्व संपन्नता व निष्ठा, या सुरक्षा, नीति कुशलता, वैज्ञानिकता या भारत के आर्थिक हितों या विदेशी राष्ट्रों से भारत के संबंधों के प्रतिकूल हो ।

जो भारत के किसी भी न्यायालय द्वारा अभिव्यक्त रूप से निषिद्ध हो या संसद या राज्य विधान सभा के विशेषाधिकारों का उल्लंघन हो ।
जो विदेशी सरकारों से किये गये गोपनीयता-प्रबंधों का उल्लंघन हो,
तृतीय पक्ष के स्पर्धात्मक स्थान / स्तर के प्रति हानिकारक हो, नहीं तो सक्षम प्राधिकारी को संतोष हो जाए कि विस्तृत लोक हित की दृष्टि से सूचना को प्रकट करना अत्यावश्यक होता हों, तथा ज ने कें के व्यक्तियों की गोपनीयता पर अनावश्यक आक्रमण का कारण बनता हो, अन्यथा केन्द्रीय / राज्य जन सूचना अधिकारी या अपीलीय प्राधिकारी को यह संतोष हो कि विस्तृत जन हित की दृष्टि से सूचना की अभिव्यक्ति उचित लगता है ।
उस हैंड बुक का उपभोक्ता कौन है ?
छात्र, संस्थान के स्टॉफ, सामान्य जनता,
तथा जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर, पूरे भारत के लिये यह अधिनियम विस्तरित है ।
सूचना प्राप्त करने हेतु कार्य विधि तथा शुल्क विवरण
अधिनियम के प्रावधानों के आधीन सूचना के लिये अनुरोध करने की कार्यविधि निम्न प्रकार है -
  " जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र " के नाम पर डी डी या बैंकर्स चेक द्वारा 10/- रु. के शुल्क के साथ नियमावली तथा अधिनियमों में उल्लेखित के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में सूचना अधिकार अधिनियम में किये गये प्रावधानों के अनुसार आवश्यक महत्वपूर्ण सूचना का उल्लेख करते हुए सादे कागज़ पर आवेदन के साथ सूचना प्राप्त करने का अनुरोध भेजें । आवेदन पत्र अंग्रेजी, हिन्दी या कन्नड में होना चाहिए ।
   
  सूचना उपलब्ध कराने हेतु शुल्क, नकद के प्रति उचित रसीद केन्द्र पर देय या डी डी या बैंकर्स चेक के रूप में निम्न दरों पर लिया जाएगा :अधिनियम की धारा 7(1) तथा 7(5) के अधीन अपेक्षित सूचना उपलब्ध कराने हेतु देय शुल्क निम्न प्रकार होगा :
 
   

1. A4 आकार के कागज़ पत्रों की प्रतियाँ बनाने के लिये प्रति पृष्ठ 2/- रु.

2. A4 आकार से परे कागज़ पत्रों की प्रतियाँ बनाने के लिये प्रति पृष्ठ 5/- रु.

3. अभिलेखों के निरीक्षण हेतु प्रथम घंटे के लिये कोई शुल्क नहीं, तथा उसके बात प्रति 15 मिनटों के लिये 5/- रु.

4. डिस्केट या फ़्लॉपी या सी डी में सूचना उपलब्ध कराने हेतु प्रति डिस्केट या फ़्लॉपी या सी डी के लिये 50/- रु.

5. मुद्रित रूप में सूचना उपलब्ध कराने के लिये ऐसे प्रकाशन के लिये नियत दाम या A4 आकार के फ़ोटोकापी के लिये 2/- रु.

6. प्रतियाँ बनाने के अन्य साधनों के लिये अर्थात टेप, आडियो, या विडियो या अन्य माध्यम के लिये वास्तविक लागत या जारी ?

सूचना प्राप्त करनेवाले आवेदक को चाहिए कि वह यह बताएँ कि वह भारतीय है तथा अपना पूरा पता बता दें ।
आवेदन पत्र देखने हेतु यहाँ पर क्लिक करें (डॉक फार्मेट) (पीडीएफ फार्मेट)
सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अधीन सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन का प्रपत्र
क्र सं. विवरण देय सूचना
1. नाम  
2. व्यवसाय  
3. डाक का पूरा पता  
(ए) टेलीफोन नं.  
(बी) फैक्स नं.  
(सी) ई-मेल आई डी  
4. व्यक्ति की पहचान  
5. आवासीय विवरण  
6. राष्ट्रीयता / नागरिकता  
7. माँगी गई / अपेक्षित सूचना  
नोट : " जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र, बेंगलूर - 560064 " के नाम पर आवेदन शुल्क 10/- रु. + प्रति पृष्ठ की प्रति बनाने के लिये 2/- रु. डी डी बनाकर जन सूचना अधिकारी, जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र, बेंगलूर - 560064, कर्नाटक को भेजें।
आवेदक का हस्ताक्षर
अतिरिक्त सूचना के लिये -
केन्द्र के विविध नियमों व विनियमों को देख लें ।
इस पुस्तक की सूची केन्द्र के वेबसाइट के अनुसार समुचित अधिकारी से संपर्क करें ।
सूचना अधिकार के लिये संपर्क अधिकारी
केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी श्री ए एन जयचंद्र, प्रशासनिक अधिकारी, जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र, बेंगलूर - 560064, टेलीफोन : 2208 2751 (O), 2362 2763 (O) 2360 2792 (O), 2293 2576 (O) मोबाइल : 9448287701 फैक्स : 2208 2766, 2360 1438 ई-मेल : jay@jncasr.ac.in
सहायक लोक सूचना अधिकारी प्रभारी श्री mmसचिन बेलवाडी, जनसंपर्क सहायक, जवाहरलाल नेहरु उन्नत
  वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र, बेंगलूर - 560064, टेलीफोन : 2293 2576 (O), 2293 2502 (O), मोबाइल : 9448287705 फैक्स : 2360 1438, 2360 1438 ई-मेल : sachinb@jncasr.ac.in
संगठन, कार्य व कर्तव्यों का विवरण
नाम व संपर्क विवरण
जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र
जक्कूर, बेंगलूर - 560 064
टेलीफोन : (कार्या.) - (080)2208 2750, (080)2208 2750, ई-मेल : admin@jncasr.ac.in
वेबसाइट : http://www.jncasr.ac.in
उद्देश्य
a) विज्ञान के चयनित क्षेत्रों में अग्र-पंक्ति के अनुसंधान का संचालन करना । विशेषकर पूर्णकालिक, मानद या आगंतुक आधार पर केन्द्र पर प्रत्येक विज्ञानियों द्वारा उच्चतम स्तर पर अनुसंधान के लिये वातावरण निर्मित करना;
b) भारतीय विज्ञान संस्थान के विज्ञानियों के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान का संचालन;
c) केन्द्र पर तथा विस्तृत रूप से देश भर में विज्ञानियों की अत्यंत ही रुचि के क्षेत्रों के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विषयों पर गहन चर्चाओं के लिये सुविधाएँ प्रदान करने तथा विचाकरों के मुक्त विनिमय के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना;
d) केन्द्र के कार्यकलापों में प्रतियोगिता करने तथा उन्नत अनुसंधान का संचालन के लिये सीमित अवधियाँ बिताने के लिये भारत भर के तथा विदेश भर के आगंतुक स्कॉलरों तथा संकायों को सुविधाएँ उपलब्ध कराना;
e) केन्द्र जिसे अपने लिये योग्य मानता है ऐसे शिक्षा की शाखाओं में उन्नत शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान कराना;
f) अनुसंधान कार्य के प्रशिक्षण तथा ज्ञान के उन्नयन एवं प्रचार-प्रसार उपलब्ध कराना;
g) व्याख्यानों, संगोष्ठियों, सम्मेलनों, विचार-गोष्ठियों, वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्यशालाओं तथा ऐसे ही अन्य कार्यक्रमों का प्रावधान करना;
h) kभारत एवं विदेश के अग्रणी विज्ञानियों की सहायता से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आवधिक शरद एवं ग्रीष्म कालीन स्कूलों का आयोजन;
i) विज्ञान के चयनित क्षेत्रों में अनुसंधानात्मक परियोजनाओं को संचालन करने के लिये युवा प्रतिभासंपन्न छात्रों को सुविधाएँ उपलबमध कराना;
j) चयनित सीमांत विज्ञान के क्षेत्रों में अनु. व विकास के कार्मिकों को प्रशिक्षण का प्रावधान कराना;
k) समाज के विकास के प्रति प्राकार बाह्य अध्ययनों, विशतरण कार्यक्रमों तथा क्षेत्रगत अधिक्रमिक कार्यकलापों का दायित्व लेना;
l) विज्ञान के सीमांत तथा भविष्यीय क्षेत्रों की आवधिक रिपोर्टें, गुंपाक्षर / विनिबंधों तथा वैज्ञानिक लेखों का प्रकाशन कराना;
m) समाज के उद्देश्यों / लक्ष्यों के अनुसरण में अनुसंधान तथा मानक संदर्भ ग्रंथालय की स्थापना तथा अनुरक्षण करना;
n) जब कभी आवश्यक हो, तब बेंगलूर में भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रयोगालयों / कार्यशालाओं की सुविधाओं के उपयोग के साथ - साथ जहाँ - कहीं आवश्यक लगें वहाँ पर केन्द्र के लक्ष्यों के प्रोत्साहन तथा प्राप्ति के लिये आकस्मिक एवं प्रेरक कार्यों तथा विषयों का संचालन ।
केन्द्र के बारे में

इतनी पुरानी बात तो नहीं है कि, बेंगलूर के बाह्यांचल में स्थित एक छोटा सा गाँव था जक्कूर - जहाँ हरे भरे खेतों में घास चरती हुई भेडे़ अपनी जुगाली रोक लेती हैं, यह देखने के लिये कि प्रसिद्ध जक्कूर फ़्लाइंग क्लब से उड़नेवाले ग्लाइडरों तथा हेलिकाफ़्टरों की ओर उदासीन दृष्टि डाली जाए । आज, यद्यपि बेंगलूर इतना विस्तरित हुआ है जिससे उसने जक्कूर को अपने उच्च तांत्रिकता की पकड़ में व्याप्त कर लिया है तथा विभिन्न प्रकार के उन्नत उड़ान भरनेवाले समूह को जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र के जीवंत वैज्ञानिक वातावरण सम्मोहित कर रहा है ।

सापेक्षित / तुलनात्मक रूप से हम तो अभी युवा हैं परंतु विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में अनुसंधान संस्था के रूप में प्रसिद्ध हैं । हमारा अनिवार्य अंतिम लक्ष्य है - विश्व-स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान का अनुसरण एवं उन्नयन करना एवं विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के सीमांतों में प्रशिक्षण प्रदान करना । केन्द्र की स्थापना वर्ष 1989 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरु की जन्मशताब्दी के स्मरणार्थ की गई है । परंतु, हमारी भारी - वृद्धि तो पिछले दशक में हुई है ।

हमारा अल्प आकार (27 संकाय सदस्य, जो विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में फैले हुए हैं) ही हमारे लिये एक सुविधा रही है; दूर फैले प्रयोगालयों में पृथकृत नहीं हैं, परंतु हमारे रसायनज्ञ, भौतिकविद, जैविकविद तथा अभियंता दिन भर में चाहे वह संगोष्ठियों में हों, या ग्रंथालय; उपहार-आंतरिक या कार्य पर आती-जाती बसों में मिलते-जुलते रहे हैं (संपर्क में आते रहते हैं); यही विज्ञान की अंतर्शाखाओं के सहयोग की भावना को संवर्धित करता है जो जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र का एक हालमार्क रहा है । परिसर पर स्थित ऐसे अनेक सहयोग अनेक वर्षों से उभर आए हैं; एक द्रव गतिकीविद, नानो-वाहिनियों में बहाव को देखने के लिये सांख्यिकीय यांत्रिकीविद के समूह में तथा लेसर आवेशित धातु बिंदुकाएँ जब वे अधस्तर पर टकराती हैं तो उनके शीतलन का अध्ययन के लिये एक प्रयोगात्मक भौतिकविद के ताथ सम्मिलित हो गया है; एक और प्रयोगात्मक भौतिकविद तथा जैविकविद - दोनों मिलकर एक ऐसे वहन योग्य प्रणाली को विकसित कर रहे हैं जो C D 4 (H I V निदानिकी में प्रयुक्त) का पता लगाने के लिये रामन मार्करों का उपयोग करता है; प्रोटीन के आर-पार जल-अणुओं की क्रम व्यवस्था के सैद्धांतिक आण्विकीय गतिकीय अध्ययन; कॉफ़ी-टेबल पर चर्चा के दौरान जैव रसायनविद तथा भौतिकविद के बीच में उभर आया है; बहु काय सैद्धांतिकविद आण्विक विद्युन्मानिकी प्रयोगालय में यंत्र / साधनों के प्रतिरूपों को विकसित कर रुा है ।

हमारे युवा एवं गतिशील संकायों के अतिरिक्त, जवापरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र की अन्य शक्ति में सम्मिलित हैं - बुद्धिमान एवं ओजस्वी स्नातक छात्रों की उपस्थिति (हमारे यहाँ, उत्कृष्ट संकाय, छात्र का अनुपात लगभग 1:4 का रहा है) । तथा सन्नद्ध प्रयोगात्मक संगणनात्मक तथा अंतर्संरचनात्मक सुविधाएँ । हमारे परिसर पर आनेवाले आगंतुक भी हमारे भौतिक पर्यावरण से अत्यंत प्रभावित रहे हैं; वास्तुशिल्प की दृश्टि से नवोन्मेषी भवनों के समुच्चय अनायास दृष्टि में न पड़नेवाले हैं जो हरे-भरे प्राकृतिक भू-दृश्यों के अनेकों एकड़ भूमि में फैले हुए हैं; एक मात्र बकबॉल गुंबज़, वृक्षों के ऊपर उभरा हुआ है तथा हमारे स्थानीय कुंड के आर-पार में बाँस-बाग के बीच में बगुले एवं कौडिल्ले फुदकते रहते हैं ।

केन्द्र के अनुसंधानकर्ता छह एककों में विभक्त / वर्गिकृत हैं - रकसायनिकी एवं पदार्थ भौतिकी, अभियांत्रिकी, विकासवादी एवं जैविकीय जैविकी, आण्विकजैविकी एवं आनुवंशिकी सैद्धांतिक विज्ञान शैक्षणिक प्रौद्योगिकी एवं भूगतिकी । हमारे दो और एकक हमारे परिसर के yeujबाहर भारतीय विज्ञान संस्थान में स्थित हैं वे हैं - रासायनिकी जैविकी एवं संघनित पदार्थ सैद्धांतिक एकक । यद्यपि, अवश्य ही, मात्रात्मक रूप से वैज्ञानिक निष्पादन को संख्यात्मक संकेतों से व्यक्त करना कठिन होता है (प्रकाशनों की संख्या, सम्मान, अनुदान, प्रस्तुत एकास्वाधिकार आदि) फिर भी, केन्द्र पर विज्ञान समृद्धि कर रहा है । पिछले कुछ वर्षों में, केन्द्र के संकाय सदस्यों ने अपने अनुसंधान लेखों को नेचर, नेचर मेडिसिन साइन्स, इवोलूशन, अमेरिकी रासायनिक सोसाइटी की जर्नल, अंगेवांडेट केमी, फ्लूइड मेकानिक्स जर्नल तथा फिज़िकल रिय्वू लेटर्स आदि अत्यधिक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नलों में प्रकाशित कराया है । केन्द्र के संकायों के कार्यों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है - अवश्य ही, हमारे मानद अध्यक्ष तथा लॉइनस पॉसिंग अनुसंधान प्रोफ़ेसर सी एन आर राव द्वारा प्राप्त सम्मानों तथा पुरस्कारों की सूची अनेकों पृष्ठों को व्याप्त कर लेगी, फिर भी हम सब तब अत्यंत ही उत्तेजित हुए थे जब हाल ही में वर्ष 2005 में उन्हें भविष्य के आयाम में विज्ञान के लिये डैन डेविड पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । हमारे युवा संकाय सदस्य भी अपना छाप छोड़ रहे हैं - उदा - इस वर्ष प्रो. तपस कुमार कुण्डु को जैविकीय विज्ञान के लिये शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार दिया गया है । प्रो. अनुरंजन आनंद ने परमाणु ऊर्जा विभाग से उत्कृष्ट अनुसंधान पुरस्कार प्राप्त किया है, तथा प्रो. श्रीकांत शास्त्री, प्रो. जूचू कुलकर्णी तथा प्रो. एस बालसुब्रमणियन ने बी एम बिड़ला विज्ञान पुरस्कार प्राप्त किया है ।

नवोन्मेषी वैज्ञानिक अनुसंधान के संचालन के अनिरिक्त केन्द्र का दायित्व वैज्ञानिक शिक्षा के संवर्धन के प्रति भी रहा है । अब हम एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयवाले हो गये हैं तथा वर्तमान में केन्द्र पर लगभग एक सौ स्नातक छात्र मास्टर डिग्री के लिये अध्ययन कार्य कर रहे हैं । विशाल श्रेणी के पाठ्यक्रमों द्वारा अपने ही छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा, शैक्षणिक अधिक्रमिक कार्यकलापों की श्रेणी को सक्रिय समर्थन देने पर व्यस्त रहे हैं, प्रति वर्ष हमारा अत्यंत प्रतियोगात्मक ग्रीष्म अनुसंघान शिक्षा-वृत्ति कार्यक्रम देश भर के अत्यंत प्रतिभासंपन्न स्नातकपूर्व छात्रों के लिये आतिथेय बना हुआ है, शैक्षणिक प्रौद्योगिकी एकक, अनेक प्रकार की शैक्षिक सहायक सामग्रियों तथा शैक्षिक सामग्रियों का उत्पादन करता है, भारत भर में हम विश्वविद्यालयों में अल्पावधि के पाठ्यक्रमों का आयोजन एवं सीखने / अध्यापन कार्य भी करते हैं, तथा हमारे P O C E & P O B E कार्यक्रमों के अंग के रूप में हम उदीयमान, युवा रसायनज्ञों तथा जैविकविदों को गहन रूप से प्रशिक्षण प्रदान करते हैं ।

सूचना प्रौद्योगिकी नगर बनने के पहले बेंगलूर विज्ञान नगर के रूप में प्रतिष्ठा पा चुका था, तथा हमारे संकाय एवं छात्र विशाल बेंगलूर क्षेत्र में स्थित अनेकों अनुसंधान संस्थाओं के विज्ञानियों के साथ अंतर्क्रियाओं से लाभान्वित हो रहे हैं ।

ज ने उ वै अं कें पर बौद्धिक वातावरण में संसार भर के नियमित आगंतुक के आगमनों से धाराओं में नये प्राण भरदिये हैं, जिन्होंने संगोष्ठियों, सम्मेलनों तथा ग्रीष्म स्कूलों की उत्तेजित वैज्ञानिक चर्चाओं के प्रति आपना योगदान दिया है ।

हम यह विश्वास रखते हें कि वैज्ञानिक अनुसंधान तथा शिक्षा में उत्कृष्टता लाने में हमारे पास आवश्यक अंश (उपादान) स्थित हैं तथा आगामी वर्षों में और भी वृद्धि करने के इच्छुक हैं ।

संगणनात्मक संरचना

संगणनात्मक संरचना जो प्राधिकारी द्वारा कार्यात्मकताओं तथा रिपोर्टिंग माध्यमों को दर्शाते हैं ।
संगणनात्मक संरचना के लिये यहाँ क्लिक करें

अपनी नीति या उससे संबंधित कार्यान्वयन के संरूपण के संबंध में जनता सदस्यों के अभ्यावेदन या परामर्श हेतु अस्तित्ववाली किसी भी व्यवस्था के विवरण ।

केन्द्र की उपविधि के अनुसार सार्वजनिकों में से दो सदस्यों को केन्द्र के सामान्य निकाय में सेवा हेतु आमंत्रित करने का प्रावधान रहा है ।

केन्द्र का पता

जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र

जक्कूर, बेंगलूर 560 064, कर्नाटक

केन्द्र का कार्य समय ; 9.00 से 5.30 बजे (सोमवार से शुक्रवार)

अपने अधिकारियों तथा करमचारियों के अधिकार व कर्तव्य ।
अध्यक्ष केन्द्र के कार्यपालक तथा शैक्षिक प्रमुख होते हैं ।
प्रमुख, संकाय कार्य, संकायों से संबंधित सभी प्रश्नों को देखता है जो एक पूर्णकालिक पद रहा है ।
प्रमुख, शैक्षिक कार्य तथा प्रमुख, अधिसदल्यता तथा विस्तरण कार्यक्रम, अन्य शैक्षिक कार्यों का ध्यान रखते बैं तथा अध्यक्ष को रिपोर्ट करते हैं । प्रशासनिक अधिकारी सभी प्रशासनिक कार्यों के प्रभारी होते हैं तथा अध्यक्ष को रिपोर्ट करते हैं ।
 
परियोजना अभियंता निर्माण कार्यों के प्रभारी होते हैं तथा अध्यक्ष को रिपोर्ट करते हैं ।
अन्य सभी अधिकारी तथा स्टॉफ के सदस्य, उपभोक्ता प्राधिकारियों द्वारा दत्त कार्यों को संभालते हैं ।

पश्च

प्रयुक्त नियम, विनियम व अनुदे

केन्द्र में स्थित या उसके नियंत्रणाधीन या अपने कार्यों को निभाने के लिये अपने कर्मचारियों से प्रयुक्त किये जानेवाले नियम, विनियम, अनुदेश, नियम पुस्तिका तथा अभिलेख उपलब्ध हैं ।

स्रोत - प्रशासनिक अधिकारी

पश्च
कार्यालयीन प्रलेख एवं उनकी उपलब्धता

ब्रोचर (विवरणिका)

वार्षिक रिपोर्ट (हिन्दी व अंग्रेजी)

समाचार पत्र

मंडल, परिषदें, समितियों एवं उनकी उपलब्धता
प्रबंध परिषद
यह प्रबंध परिषद ही केन्द्र का उच्चतम कार्यपालक निकाय होता है । केन्द्र के नियमों एवं विनियमों के अधीन गठित इस प्रबंध परिषद द्वारा ही केन्द्र के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का प्रबंध संचालित होता है ।
शैक्षिक सलाहकार समिति
वित्त समिति
परिषद की रचना : निम्न से युक्त इस प्रबंध परिषद द्वारा ही केन्द्र के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों का प्रबंध संचालित होते हैं :
a) भारत सरकार के सचिव, डीएसटी, या उनके नामिती (पदेन) . . . 1
b) भारत सरकार के वित्तीय सलाहकार, डीएसटी, या उनके नामिती (पदेन) . . . 1
c) केन्द्र के कार्यकलापों से संबंधित क्षेत्र के तीन प्रतिभासंपन्न विज्ञानी उसमें से दो
डीएसटी द्वारा नामित तथा एक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा सभी केन्द्र के
अध्यक्ष के परामर्शक से . . . 3
 
d) भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलूर के निदेशक (पदेन) . . . 1
e) भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलूर के निदेशक एक प्रतिभासंपन्न विज्ञानी, के संस्थान
के निदेशक द्वारा नामित तथा केन्द्र के अध्यक्ष के परामर्श से . . . 1
 
f) केन्द्र के अध्यक्ष द्वारा नामित एक केन्द्र का संकाय सदस्य . . . 1
g) केन्द्र के अध्यक्ष (पदेन) . . . 1
प्रबंध परिषद का वर्तमान गठन (2004 - 2007) निम्न हैं -
डॉ. पी रामराव अध्यक्ष
हैदराबाद (डीएसटी नामिती)
प्रो. एम आर एस राव सदस्य
अधयक्ष, ज ने उ वै अ कें  
श्री के पी पांडियन सदस्य
संयुक्त सचिव व वित्तीय
सलाहकार
 
विज्ञान व प्रौद्योगिकी
विभाग
 
प्रो. बिकाश सिन्हा सदस्य
कोलकाता (डीएसटी नामिती)
प्रो. एस चन्द्रशेखरन (भाविसं नामिती)
भाविसं सदस्य
डॉ. टी रामसामी सदस्य
सचिव, भारत सरकार
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
 
प्रो. सी एन आर राव सदस्य
मानद अधयक्ष, जनेउवैअकें (जनेकें नामिती)
प्रो. एस के जोशी सदस्य
नई दिल्ली यूजीसी नामिती)
श्री ए एन जयचन्द्र सचिव
प्रशासनिक अधिकारी  
पश्च
जन सूचना अधिकारी

नोडल अधिकारी एवं संपर्क अधिकारी - श्री ए एन जयचन्द्र

प्रशासनिक अधिकारी

जन सूचना अधिकारी (पीआईओ)
श्री ए एन जयचन्द्र

केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी
श्री सचिन बेलवाडी

सहायक केन्द्रीय जन सूचना

प्रभारी अधिकारी

अधिकारियों व कर्मचारियों की निदेशिका (अनुबंध - बी)
केन्द्र के स्टॉफ की वेतन-संरचना (अनुबंध - सी)
आबँटित बजट
योजना : करोड़ रु. में
पश्च

आर्थिक सहायता कार्यक्रमों का अन्वयन की रीति - जिसमें सम्मिलित हैं आबँटित राशियाँ तथा ऐसे कार्यक्रमों के लाभ भोगियों के विवरण ।

केन्द्र द्वारा संचालित कोई भी आर्थिक सहायतावाला कार्यक्रम नहीं है ।

इसके द्वारा प्रदत्त रियायतों, पर्मिटों या प्राधिकरणों के विवरण ।

केन्द्र किसी भी प्रकार की रियायतों, पर्मिटों या प्राधिकरणों को प्रदान नहीं करता परंतु, समेकित Ph. D., Ph.D. तथा M S (अभि.) कार्यक्रमों के नामांकित प्रवेश प्राप्त छात्रों को भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार शिक्षावृत्ति दी जाती है ।

इसके पास स्थित या उपलब्ध सूचना के विवरण घटाये गये विद्युन्मानीय रूप में हैं ।

छात्रों का चयन, सम्मेलनों, बैठकों का आयोजन आदि के प्रमुख धोषणाएँ जाल स्थल के सहारे उपलबमध कराई जाती हैं । किसी भी सार्वजनिक सदस्य से यह सूचना अभिगम्य है ।

सार्वजनिक उपयोग हेतु अनुरक्षित ग्रंथालय या वाचनालय के कार्य समय सहित, सूचना प्राप्त करने हेतु नागरिकों के लिये उपलब्ध सुविधाओं का विवरण ।

निम्न प्रकाशन नागरिकों के उपयोग के लिये प्रकाशित किये जाते हैं -

वार्षिक रिपोर्ट (हिन्दी - अंग्रेजी दोनों भाषाओं में), जो वर्ष के दैरान की गई प्रगति का विवरण साथ ही वार्षिक रूप से किये जानेवाला लेखा-परीक्षित लेखा विवरण ।

ब्रोचर (विवरणिका) प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों तथा विज्ञानियों तथा इन क्षेत्रों में कार्यरत शैक्षिक कार्मिकों के विवरण दिये जाते हैं ।

ग्रंथालय

एक समाचार (पत्र) अर्ध-वार्षिक रूप से, सभी कार्यकलापों का विवरण देते हुए आंतरिक उपयोग हेतु प्रकाशित किया जाता है ।
उपरोक्त सभी प्रलेख, सार्वजनिकों के लिये केन्द्र के कार्य समय प्रातः 9.00 से सायं 5.30 (सोमवार से शुक्रवार) के दौरान उपलब्ध हैं । इसके अलावा, केन्द्र का ग्रंथालय, प्रातः 8.30 से रात्रि 8.30 तक खुला रहता है, जहाँ ये सभी सूचनाएँ संदर्भ हेतु उपलबमध हैं ।

केन्द्र के जाल स्थल है : http://www.jncasr.ac.in सार्वजनिकों के लिये उपलब्ध है ।

अन्य उपयोगी सूचना
उपरोक्त के अलावा, संस्थान विभिन्न अनुसंधान एवं शैक्षिक कार्यक्रमों में छात्रों के प्रवेश हेतु तथा संस्थान द्वारा किये जानेवाले अन्य कार्यों के लिये निविदा अधिसूचना राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन सार्वजनिक सूचना हेतु प्रकाशित किये जाते हैं
अनुबंध - बी
पश्च


 
2012, जवाहरलाल नेहरु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्र. Supported by W4RI