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सं प वि कें में आपका स्वागत है

संगणनात्मक पदार्थ विज्ञान केन्द्र (सं प वि कें) की स्थापना अप्रैल 2006 में की गई है । यह केंद्र नानो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पहल के द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से सहायित है ।

17-27 अगस्त, 2009

" आण्विक अनुरूपण को समझना " पर पाठ्यक्र

 

इस पाठ्यक्रम का मूल उद्देश्य - मूलभूत आण्विक अनुरूपण तंत्र ः आण्विक गतिकी एवं मांटे कार्लो का परिचय दिलाने का रहा है । इसका विचार यह रहा है कि इन तंत्रों को प्रमुखता दिलानेवाले तत्वों को समझना एवं अनुरूपण कोड (कूट संख्या) के अनुकूलन के लिए इस समझ का उपयोग करना । .

29 अत्तूबर से 3 नवंबर 2007 तक

2007

" भौतिकी एवं रासायनिकी में अंकात्मक प्रमात्रा बहुकाय पद्धतियों " पर पाठ्यक्रम"

इस महत्वपूर्ण अंतरवैज्ञानिक शाखा पाठ्यक्रम का उद्देश्य भौतिकी एवं रासायनिकी से संबंधित समस्याओं के बीच के अंतराल के सेतुबंध का (अंतराल को कम करने का) रहा है जिनमें प्रबल विद्युन्मानीय सुसंबद्धता पर विचार करने की अपेक्षा की जाती है । इसमें विशेष ध्यान उन अंकात्मक पद्धतियों पर होगा जिनको उच्च-Tc भौतिकी से रासायनिक प्रतिक्रियाओंवाली श्रेणियों को प्रबल इलेक्ट्रान अंतक्रियाओं के साथ भारी प्रमात्रा प्रणालियों के निरूपण हेतु अनुकूलित बनाने का ।

कार्यक्रम अनुसूच

6 नवंबर से 16 नवंबर 2007 तक

 

जैव आण्विकी अनुरूपण " पर पाठ्यक्रम"

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य है - जैव अणुओं के संदर्भ में आण्विक अनुरुपणों के विन्यास में पद्धतियों एवं उपकरणों का उपयोग करना । आण्विक गतिकी प्रणाली विज्ञान को एक केंद्रीय संकल्पना के रूप में उपयोग करना इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य है - प्रणालियों के विन्यास के लिए एक क्रमागत दिशा देना, उन्हें अनुरूपित करना निष्कर्षण हेतु तंत्रों का विश्लेषण करना तथा जैविकीय प्रणालियों के कुछ रोचक गुणधर्मों की दृष्टात्मक प्रस्तुतीकरण कर

जनवरी 2007

 

इस पाठ्यक्रम का मूल उद्देश्य - मूलभूत आण्विक अनुरूपण तंत्र ः आण्विक गतिकी एवं मांटे कार्लो का परिचय दिलाने का रहा है । इसका विचार यह रहा है कि इन तंत्रों को प्रमुखता दिलानेवाले तत्वों को समझना एवं अनुरूपण कोड (कूट संख्या) के अनुकूलन के लिए इस समझ का उपयोग करना ।