अधिसदस्यता एवं विस्तरण कार्यक्रम
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ग्रीष्म अनुसंधान अधिसदस्यता कार्यक्रम आगंतुक अधिसदस्यता अल्प-कालीन पाठ्यक्रम परियोजना अभिमुखी रासायन शिक्षा परियोजना अभिमुखी जैविकी शिक्षा परियोजना अभिमुखी जैविकी शिक्षा विज्ञान शिक्षा कार्यक्रम में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
 

विभिन्न तत्कालीन क्षेत्रों में अनुसंधान का अनुसरण के अतिरिक्त, केन्द्र के अनेक विज्ञान अधिक्रमिक तथा अधिसदस्यता कार्यक्रम भी हैं । उनमें से एक कार्यक्रम है - युवा छात्रों के लिये ग्रीष्म अनुसंधान अधिसदस्यता कार्यक्रम । 1990 में इसके प्रारंभ से लेकर अब तक लगभग 1700 छात्रों ने इस कार्यक्रम से लाभ प्राप्त किया है । प्रति वर्ष 5000 - 6000 आवेदन प्राप्त होते हैं तथा उनमें से 120 - 133 शिक्षावृत्तियाँ प्रदान की जाती हैं । केन्द्र का यही एक अत्यंत अभिनंदनीय कार्यक्रम रहा है तथा छात्र उस कार्यक्रम के लाभों की अत्यंत प्रशंसा करते हैं जो उन्हें अपनी शिक्षा के प्रारंभिक स्तर पर ही वैज्ञानिक अनुसंधान की ओर प्रेरित करने में यह कार्यक्रम सफल रहा है । दक्षिण एशिया तथा आफ्रिका के विकासशील देशों के छात्रों के लिये इस कार्यक्रम को अभिगम्य बनाकर वैश्विक रूप से दृष्टिगोचर कराने के उद्देश्य से, केन्द्रीय तथा दक्षिण एशिया के लिये तृतीय विश्व विज्ञान अकादमी (T W A S) का क्षेत्रीय कार्यालय तथा ज ने उ वै अ कें दोनों मिलकर देश के अंतर्गत ही अनेकों संस्थाओं के साथ समकक्षता के साथ कार्य करने हेतु विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के उन्नत क्षेत्रों में अनुसंधान के संवर्धन हेतु उन युवा स्नातक पूर्व छात्रों को उन्मुक्त करने का कार्य कर रहे हैं ।

स्नातकपूर्व स्तर से ही वैज्ञानिक अनुसंधान के उन्नयन हेतु एक और सूत्रपात के रूप से हमने आरंभ के रूप में रासायनिकी तथा जैविकी में कार्यक्रमों का सूत्रपात किया है । परियोजना अभिमुखी रासायन शिक्षा (P O C E) परियोजना अभिमुखी जैविकी शिक्षा (P O B E) ने क्रमशः 5 एवं 4 वर्ष पूरे किये हैं । इन कार्यक्रमों के प्रत्येक के लिये देश के आर-पार से दस प्रतिभा संपन्न छात्रों का चयन किया गया है । इसके अंग के रूप में, छात्र अपने मध्य सत्र के विरामों के दौरान छोटी परियाजनाओं पर केन्द्र के संकाय सदस्यों के साथ कार्य करते हैं । वे केन्द्र पर विशेष व्याख्यानों एवं संगोष्ठियों में भाग लेते हैं, अपने प्रशिक्षण की समाप्ति पर, जो तीन ग्रीष्म कालों का होता है - उन्हें रासायनिकी या जैविकी में (जो भी लागू हो) में डिप्लोमा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है ।

इन कार्यक्रमों के अलावा, केन्द्र के संकायों तथा मानद संकायों के साथ कार्य करने हेतु शैक्षणिक संस्थाओं तथा अनु. व विकास प्रयोगालयों में अनुसंधान वैज्ञानिकों को आगंतुक विज्ञानी अधिसदस्यताएं भी केन्द्र द्वारा प्रदान की जाती हैं । उस कार्यक्रम का स्वागत अनेकों युवा अनुसंधानकर्ताओं द्वारा किया गया है क्योंकि, केन्द्र में प्रशिक्षण तथा अनुसंधान प्राप्त कर लेने के बाद, या अपनी वर्तमान संस्थापनों में अपने कौशल में वृद्धि करने या अनुसंधान प्रयोगालय विकसित करने में समर्थ हो गये हैं ।

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